OBC आयोग के सर्वे के मुताबिक , मध्य प्रदेश में OBC वर्ग के की आबादी 50% से अधिक है इसके बावजूद न्यायालयीन चुनौतियो के चलते भर्ती प्रतिक्रियाओं में इस वर्ग को आरछण का लाभ नहीं मिल पा रहा है | अब भोपाल में आयोजित सर्वदलीय बैठक के बाद सभी डालो से सुझाव लेकर सरकार सुप्रीम कोर्ट को विस्तृत रिपोर्ट सौपेगी

मध्य प्रदेश में पिछले 6 सालो से लंबित 27% OBC आरछण के मुद्दे को सुलझाने के लिए मुखयमंत्री होहन यादव ने आज CM हाउस में सर्वदलीय बैठक बुलाई इस अहगम बैठक में मुख्या मंत्री के साथ कांग्रेस प्रदेश अध्यछ जीतू पटवारी नेता परिपाच उमंग सिघार समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यछ मनोज यादव समेत कई डालो के वरिष्ठ नेता शमिल हुए ”
बैठक में पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यछ के रामकृष्ण कुसमरिया भी मौजूद रहे इसके साथ ही OBC वर्ग का प्रतिनिधित्व करने वाले कई प्रमुख नेता शामिल हुए जिनमे केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल, मंत्री कृष्णा गौर , पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव और पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल जैसे नाम प्रमुख है ।
साल 2019 में तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए OBC आरछण को 14% से बढ़ाकर 27% कर दिया था हलाकि , इस निर्णय को लेकर कई संगठनों ने आपत्ति जताई और दलील दी की इससे आरछण की कुल सिमा 50% से अधिक हो जाएगी इसके बाद इस मामले को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिकाएं दायर की गई जिसके चलते यह मामला लम्बे समय से न्यायलय में विचाराधीन है |
साल 2020 में जबलपुर हाई कोर्ट ने भर्ती प्रक्रियाओ में लागु किये गए 27% OBC 27% OBCआरछण पर अंतरिम रोक ( स्टे) लगा दी थी इसके बाद से यह मामला लगातर क़ानूनी दावपेंचों में उलझा हुआ है और फ़िलहाल हिघ्कोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट दोनों में लंबित है
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